ए, के, सिंह संवाददाता जनपद औरैया

*औरैया।* शहर के मोहल्ला बनारसीदास में गुरुवार की दोपहर एक गांव में रोजगार सेवक के पद पर तैनात महिला फांसी के फंदे पर झूल गई। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना पर मोहालवासियों की भीड़ जमा हो गई , वही मौके पर सीओ सिटी व कोतवाली पुलिस ने घटना का जायजा लिया।
मोहल्ला बनारसीदास में कोतवाली के पीछे रह रही रोजगार सेवक ममता 34 बर्ष पत्नी जितेंद्र कुमार ने गुरुवार की सुबह अपने घर में ऊपर छत पर बने स्टोर रुप में लगे पंखे में स्टॉल बांधकर गले में फंदा लगा कर झूल गई। जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के समय मृतका के वृद्ध चलने-फिरने में लाचार सास-ससुर घर में नीचे थे। पति किसी काम से गया हुआ था। वहीं 11 वर्षीय पुत्र वैभव स्कूल गया हुआ था। जब दोपहर लगभग एक बजे पति घर पहुंचा तो पत्नी को मौजूद न पाकर इधर-उधर तलाश की। तभी उसकी नजर ऊपर छत पर बने स्टोर रुम के पंखे से स्टॉल के सहारे लटक रहे पत्नी के शव पर गई। इस पर पति भागता हुआ ऊपर पहुंचा। जहां उसने अपने परिजनों के साथ ही पुलिस को फोन करके जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर जांच पड़ताल की। सीओ सिटी सुरेंद्रनाथ यादव व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर परिजन व मृतका के पुत्र से पूछताछ की। जहां परिजनों ने बताया कि मृतका ममता कई सालों से मानसिक रुप से बीमार रहती थी। उसका आगरा से इलाज चल रहा था। बुधवार को पति के साथ आगरा से दवा लेकर रात में वापस लौटी थी। जहां सुबह फांसी लगाकर जान दे दी। मौके पर पहुंची फारेंसिक टीम ने जरूरी सैंपल जुटाए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा लेकिन मृतका के ससुराली जनों व जनपद इटावा फ्रेंड्स कॉलोनी भीमनगर निवासी मृतका के पिता अतर सिंह ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक मृतका का पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। गोहना प्रधान राजकुमार ने बताया कि मृतका उनके गांव में रोजगार सेवक के पद पर तैनात थी। तथा उसकी शादी वर्ष 2008 में हुई थी।

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