गोरखपुर।

जिले में आशा कार्यकर्त्रियों का आंदोलन अब उग्र होता जा रहा है। आंदोलन के पांचवें दिन आशा कार्यकर्त्रियों ने अब अस्पताल का गेट बंद करने का फैसला किया है। सोमवार को जंगल कौड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर मौजूद आशा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल का गेट बंद कर दिया। वह अस्पताल के अंदर मरीज को जाने से रोकने लगी। इस दौरान एक एंबुलेंस भी मरीज को लेकर पहुंची। उसे भी आशा आशा कार्यकर्त्रियों ने अस्पताल के गेट से एंट्री नहीं करने दी।

जंगल कौड़िया संवाद के मुताबिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर आशा आशा कार्यकर्त्रियों के प्रदर्शन को देखकर चालक ने जंगल कौड़िया विकासखंड के रास्ते प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंट्री करने की कोशिश की। इस दौरान विकास खंड कार्यालय के पास आशा कार्यकत्रियां एंबुलेंस के सामने बैठ गयी। मजबूरन मरीज के लिए एंबुलेंस को वापस लौटना पड़ा। मेन गेट बन्द होने के कारण स्वास्थ्य केंद्र पर आए इलाज के लिए लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चार पहिया गाड़ियों को स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने नहीं दिया गया। गर्भवती पैदल ही सड़क से स्वास्थ्य केंद्र तक गई।

 

———

उच्च अधिकारियों तक पहुंचा मामला

प्रोत्साहन भत्ते में बढ़ोतरी, भत्ते को मानदेय मे तब्दील करने समेत नौ मांगों को लेकर आशा कार्यकत्रियां पिछले गुरुवार से आंदोलन कर रही हैं। सोमवार को उनके आंदोलन का पांचवां दिन रहा। आशा आशा कार्यकर्त्रियों ने मंगलवार से आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी दी है। ब्रह्पुर, सरदारनगर और खोराबार पीएचसी पर भी आंदोलन जारी रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अधीक्षक डॉ. मनीष चौरसिया ने बताया कि एंबुलेंस को आशा आशा कार्यकर्त्रियों ने अस्पताल परिसर में एंट्री नहीं करने दिया। अस्पताल का गेट खोलने के लिए आशा आशा कार्यकर्त्रियों से वार्ता की गई। वह मांगों को माने जाने तक गेट को बंद रखने को लेकर अड़ी हैं। इस घटना की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है।

By Editor

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *