कुलसचिव हटाओ यूनिवर्सिटी बचाओ के नारे लगाकर एसडीएम सैफई को नर्सिंग एसोसिएशन ने दिया ज्ञापन

(सुघर सिंह सैफई)

इटावा । नर्सिंग एसोसिएशन एंड कंबाइंड एम्पलाइज एसोसिएशन यूपी एमएस की ओर से संयुक्त पत्र 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रशासन चेतना रैली के माध्यम से एसडीएम सैफ़ई को सौंपा।

प्राप्त समाचार के अनुसार उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में कर्मचारी यूनियनों का काली पट्टी बांधकर पिछले 6 नवंबर से विरोध करते हुए कार्य किया जा रहा है। जिंसमे नर्सिंग एसोसिएशन एवं कंबाइंड एसोसिएशन ने संयुक्त रूप से मिलकर लंबे समय से लंबित चल रही मांगों लेकर प्रदर्शन शुरू किया है।
गुरुवार को करीब दो सैकड़ा की तादात में सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों ने एकजुट होकर के
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन से चेतना प्रशासन रैली को निकालकर सैफई घंटाघर होते हुए तहसील परिसर में समापन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने कुलसचिव हटाओ यूनिवर्सिटी बचाओ के नारेबाजी करते हुए एसडीएम ज्योत्सना बंधु के कार्यालय में पहुंचकर के अपना ज्ञापन दिया। नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल एवं कंबाइंड एम्पलाई एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव ने बताया विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित में सूचना देने के बाद कर्मचारी यूनियनों ने पिछले 6 तारीख से काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य किया। लेकिन अब लगातार 13 दिन से सभी लोग प्रदर्शन करते हुए कार्य कर रहे हैं। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक भी बार बात सुनने की कोशिश नहीं की है।
आज प्रशासन चेतना रैली निकालने का उद्देश्य कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमारी एक भी बात नहीं सुनी है और अब जिला प्रशासन के सहयोग से शासन को अवगत कराने के उद्देश्य रैली निकाली है। और विश्वविद्यालय प्रशासन को चेताया है। अगर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमारी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया तो 21 नवंबर से पूर्णता कर्मचारी हड़ताल पर चले जायेगे जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। कर्मचारी यूनियनों के अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा विश्वविद्यालय के कुलसचिव से जब भी वार्ता करने जाएं तो वह संतुष्ट जवाब नहीं देते हैं हमेशा मजाकिया अंदाज में बात करते हैं कभी कहते हैं काला पेंट पहनो काली पट्टी की कोई जरूरत नहीं कभी कहते हैं जो करना है वह आप करो हमें जो करना है हम करेंगे।
कुलसचिव हम कर्मचारियों को हमेशा भड़काने का कार्य करते हैं जब शासन से हमारी मांगे स्वीकृत हैं तो विश्वविद्यालय प्रशासन क्यों देरी किए हुए हैं। अगर समय मांगना है तो हमें लिखित में बता दिया जाए कि हम इतने दिनों में आपकी मांगे पूर्ण कर देगे। इन सारी चीजों को लेकर कर्मचारियों में कुलसचिव के खिलाफ रोष है। कंबाइंड एम्पलाई एसोसिएशन के उपाध्यक्ष योगेश यादव का कहना है शासन द्वारा शासनादेश लागू करने के बाद में भी विश्वविद्यालय के कुलसचिव द्वारा लागू नहीं किया जा रहा है। इससे निंदनीय बात और क्या हो सकती है।
हर जगह कर्मचारियों को कोरोना प्रोत्साहन भत्ता मिल गया। लेकिन हम विश्वविद्यालय कर्मचारियों को अभी तक नहीं मिला है। इसमें किसकी लापरवाही है। कर्मचारियों की मांग है कि विश्वविद्यालय के गैर शैक्षणिक कर्मचारियों को शासन प्रशासन से स्वीकृत भत्ते अभी तक नही दिए गए जबकि शासन से तीन साल पहले ही आदेश आ गया था। मांगो में कैडर पुनर्गठन,एमएसीपी भर्तियाँ आदि को लेकर सभी कर्मचारी कई वर्षों से विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित में अपनी समस्या बता रहे है। लेकिन प्रशासन कोई कार्यवाही नही कर रहा व टलमटोल करता रहा है। इस मौके पर नर्सिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल गोयल एवं कंबाइंड एम्पलाई एसोसिएशन के अध्यक्ष धर्मेंद्र यादव,उपाध्यक्ष योगेश यादव,महामंत्री संतोष मौर्य,संयुक्त मंत्री अमित तिवारी,संगठन मंत्री धीरज कुमार,गणेश कुमार,अनुराग,सुनील शर्मा, लनितिन मिश्रा, राजीव कुमार राजेश शर्मा, उमेश सिसोदिया,अमित सिंह,भानु प्रताप आदि मौजूद रहे।

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