भारतीय नौसेना के विध्वंसक युद्धपोत ‘विशाखापट्टनम’ को सेवा में शामिल कर लिया गया है. इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए चीन पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्चस्ववादी प्रवृत्तियों वाले ‘कुछ गैर-जिम्मेदार देश’ अपने संकीर्ण पक्षपातपूर्ण हितों के कारण समुद्र के कानून पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (यूएनसीएलओएस) को गलत तरीके से परिभाषित कर रहे हैं.

छिप कर वार करने में सक्षम, स्वदेशी निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत ‘विशाखापट्टनम’ कई मिसाइल और पन्नडुब्बी रोधी रॉकेट से लैस है. इसे नौसेना के शीर्ष कमांडरों की मौजूदगी में सेवा में शामिल किया गया. इस दौरान राजनाथ सिंह ने कहा कि INS विशाखापत्तनम के नौसेना में शामिल होने से हमारी ताकत बढ़ी है. उन्होंने कहा कि हम आत्मनिर्भर की ओर बढ़ रहे है.

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मुझे बताया बताया गया कि 163 मीटर लंबा यह युद्धपोत शक्तिशाली कोलकाता श्रेणी के विध्वंसक युद्धपोत का तकनीकी अपग्रेडेट वर्जन है. यह आधुनिकतम तकनीकों से युक्त है.

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