महाराष्ट्र में अब सुपरमार्केट और आस-पड़ोस की दुकानों में शराब बेची जा सकेगी. महाराष्ट्र में राज्य मंत्रिमंडल ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई. इस नई पॉलिसी को लेकर सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि मंदिरों या फिर शैक्षिक संस्थानों के पास इसकी बिक्री की इजाजत नहीं होगी.

इसे लेकर एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि फल आधारित वाइनरी की बिक्री को बढ़ाने के लिए इसमें 10 साल तक के लिए जीएसटी से छूट दी गई. इससे किसानों का मुनाफा भी बढ़ा व छोटी और मध्यम वाइनरी के ब्रांडों को भी बढ़ावा देने में मदद होगी.

बयान में कहा गया, ”सुपरमार्केट और आस-पड़ोस की दुकानों में अलग स्टॉल आधारित व्यवस्था अपनाई जाएगी जिनका क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक है तथा जो महाराष्ट्र की दुकान और प्रतिष्ठान कानून के तहत पंजीकृत हैं.  जिन जिलों में शराबबंदी लागू है, वहां भी शराब की बिक्री की अनुमति नहीं होगी. ”

 उन्होंने देश में कोविड और इसके नए वेरिएंट ओमिक्रोन को लेकर मांग की है कि सरकार लीकर की होम डिलिवरी को लेकर लम्बे समय के लिए कोई पॉलिसी बनानी चाहिए.

अपनी अपील में उन्होंने कहा, त्योहारों के समय में शराब का मांग सबसे ज्यादा होती है. इसकी होम डिलीवरी को लीगल करने से बिजनेस में काफी मदद होगी. साथ ही इससे नई नौकरियां भी मिलेंगी और सरकार रिवेन्यू भी बढ़ेगा.

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