नरेन्द्र वर्मा
शिकोहाबाद। विज्ञान चांद पर पहुंच रहा है, लेकिन हमारे देश में अंधविश्वास आज भी हावी है। वायरल फीवर और डेंगू जैसी अन्य वीमारियों से निजात दिलाने को ग्रामीण खप्पर निकाल रहे हैं। उनका विश्वास है कि खप्पर निकालने से वायुमंडल में फैले कीटाणु हवन सामिग्री के धुएं से नष्ट हो जाते हैं और लोगों को बीमारियों से राहत मिलती है। इसी के चलते शनिवार को डंडियामई गांव में खप्पर निकाला गया।

थाना क्षेत्र के ग्रामीण अंचल में आज भी लोग अंधविश्वास और टोना-टोटका पर विश्वास करते हैं। यही बजह है कि बीमारियों से लड़ने के लिए लोग तंत्र-मंत्र का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीणों का मानना है कि बरसात से पैदा हुए विषाणु कीटाणू, खत्म करने के लिए हवन सामिग्री का धुआं बहुत कारगर होता है। इसी के लिए ग्रामीणों ने विशेष आयोजन किया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकत्रित होकर मंत्रोचारण के साथ हवन यज्ञ किया। हवन सामिग्री में देशी, आयुर्वेदिक गंधक, सरसों का तेल, रार और गुग्गुल का प्रयोग कर खप्पर को घर- घर घुमाया जाता है। यह कार्यक्रम गांव के बाहर बने देव स्थान से प्रारंभ होकर गांव की गलियों में घुमाया जाता है। मान्यता है कि इससे पशुओं में होने वाले रोगों से मुक्ति मिलती है, साथ ही गांव में दैवीय आपदा भी नहीं आती है।

इस कार्यक्रम के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि विमारी को भगाने का यह देशी नुख्सा है। यह वर्षों पुरानी परंपरा है,जिसे आज भी उसी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभायी जा रही है।

By Editor

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