अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि 20 साल पहले अमेरिका पर हमला करने वाला चरमपंथी समूह अल-कायदा ने अफगानिस्तान को एक मंच के रूप में इस्तेमाल किया था।  ऑस्टिन ने कहा है कि अमेरिका किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए अफगानिस्तान में अल-कायदा को रोकने को तैयार है।

ऑस्टिन ने कहा है कि एनालिस्ट्स देख रहे हैं कि अल-कायदा अफगानिस्तान में फिर से अपना अड्डा जमाने में सफल होता है या नहीं। अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट जैसे चरमपंथी संगठनों की यह प्रकृति रही है कि वह हर हमेशा बढ़ने, फैलने और जगह बनाने की कोशिश में रहे हैं।

ऑस्टिन ने कहा है कि हमने तालिबान से साफ़ शब्दों में कहा है कि वह अल-कायदा या किसी भी चरमपंथी को अफगानिस्तान में आतंक का अड्डा नहीं बनने देंगे। लेकिन अमेरिकी सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि तालिबान ने अल-कायदा से संबंध बनाए हुए है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *