अनिल  गुप्ता ऊसराहार

परौली रमायन की गौशाला से ताखा मे भेजी गई चार गायो ने दम तोड दिया हैजबकि इतनी ही गायो की हालत नाजुक बनी हुई है डाक्टरो की टीम सुबह शाम इनका इलाज कर रही है लेकिन चार गाय अभी भी खडी तक नही हो पा रही है

जनपद की सबसे बडी गौशाला परौली रमायन से भले ही गायो की संख्या को कम कर दूसरी गौसालाओ मे भेज दिया गया हो लेकिन इनमे तमाम गौवंशो की हालत अभी भी बहुत खराब है ताखा में बुधबार को परौली से 59 गौवंश भेजे गए थे बीडीओ ताखा आशुतोष कुमार ने ऊसराहार   व मुरचा की दो गौसालाओ को आनन फानन मे चालू कराया था ऊसराहार की गौशाला मे तीस व मुरचा की गौशाला मे 18 गायो को रखा है एक गौवंश ने बुधवार को ही परौली से ताखा आते समय दम तोड दिया था गुरूवार को ऊसराहार में एक एंव मुरचा मे तीन गायो ने दम तोड़ दिया डाक्टर एमपी सिंह ने बताया दोनो गौशाला मे चार गायो की मौत हुई है सभी को पोस्टमार्टम के बाद दफन किया गया है मुरचा मे चार गौवंश अभी भी काफी कमजोर है उन्हे सुबह शाम दबाई भी दी जा रही है लेकिन वह खडी नही हो पा रही है दोनो गौशाला मे डाक्टरो की टीम सुबह शाम लगातार निरीक्षण कर रही है

ऊसराहार

मुरचा मे गायो को दफन करने के लिए उनके मरने से पहले ही  खोद दिए गए हैं कई गढ्ढे एक ओर मुख्यमंत्री गौवंशो को गौशाला मे भेजकर उनका जीवन सुरक्षित करना चाह रहे हैं वही दूसरी ओर प्रशासन उनकी मौत की तैयारी में जुटा हुआ है

परौली रमायन से ताखा के मुरचा मे बनी गौशाला मे बुधवार को 18 गौवंस शिफ्ट किए गए हैं गुरूवार को तीन गौवंशो ने दम तोडा तो उन्हे दफन करने के लिए जेसीबी मशीन से गढ्ढे खोदकर म्रत गायो को दबा दिया गया लेकिन प्रशासन ने आगे भी गाए मरने बाली है इस तरह की सोच बनाकर कई गड्डो को गौशाला के समीप ही खुदवा दिया जिससे गौवंशो की मौत के बाद उन्हें दफन कर दिया जाए एक तरफ जंहा प्रदेश के मुख्यमंत्री गायो को लेकर इतने संवेदनशील हैं कि हर हाल मे गायो को गौशाला मे भेजने की कोशिश कर रहे हैं जिससे उन्हे भरपेट चारा मिल सके और सडको पर हो रही गौवंशो की अनावश्यक मौतो को टाला जा सके वही ताखा मे अधिकारी जो गौवंश गौशाला मे पहुच चुके हैं उनके भी मरने का इंतजार कर रहे हैं इस संबध मे खंड विकास अधिकारी ताखा आशुतोष कुमार को दो बार फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई पंरतु उनका फोन नही उठा वही मुरचा की गौशाला पर गौवंशो की देखभल

करने वाले कर्मचारी उपेंद्र ने बताया गड्ढो को पहले से इसलिए खोदा गया जिनकी मौत हो उन्हे दफन किया जा सके

By Editor

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